
Friday, November 14
दूध का महत्व

अनार करे दूर विकार
अनानास से फायदे
मोसमी की विशेषता
शहद के गुण

इसमे गुलुकोज और फ्रक्टोज पर्याप्त मात्रा में होता है।
शहद की तासीर गर्म होती है।
सुबह-शाम शहद को गरम पानी में मिलाकर पिने से शरीर की चर्बी घटती है।
आँखों में शहद की १ बूंद रोज डालने से आँखों की रौशनी बड़ती है।
अदरक का रस शहद में मिलाकर पिने से खाँसी-जुकाम ठीक हो जाता है।
निम्बू और शहद के रस से चेचक के दाग ठीक किए जा सकते हैं।
शहद का नित्य सेवन करने से दिल और दिमाग की शक्ति बड़ती है।
आम और लाभ की मिठास
पपीते से स्वास्थ्य

Wednesday, November 12
खीरा है सर्वोत्तम

संतरे से फायदे

साइट्रिक एसिड मूत्र रोगों और किडनी रोगों के लिए लाभदायक है।
बवासीर,बेरी-बेरी,कब्ज ,पेट में गैस,जोडो में दर्द,गठीया, अपचन और उच्चरक्तचाप में विशेष रूप से लाभकारी है।
मुहांसे,झाइयाँ और सांवले पन को दूर करने के लिए संतरे के छिलकों का चूर्ण कच्चे दूध में मिलाकर,३० से ४५ मिनट तक चेहरे पर लगायें।
सेब से रोग निवारण

केला और लाभ
टमाटर के गुण
नारियल की उपयोगिता

जामुन की विशेषता
खरबूजा और लाभ
Tuesday, November 11
करेला लाभदायक

अदरक के गुण

आंवला एक वरदान

इसमे विटामिन सी प्रचुर मात्र में पाया जाता है।
आंवला का सेवन करने से शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बदती है,रक्त की शुद्धी करता है।
मूली की उपयोगिता

मूली दांतों को मजबूत करती है,हड्डियों के लिए भी लाभदायक है।
मूली के साथ हल्दी खाने से बवासीर ठीक हो जाती है।
१ कप मूली के रस में,१ चम्मच अदरक का रस और १ चम्मच निम्बू का रस सेवन करने से भूख बड़ती है और पेट के रोगों में लाभ प्रदान करता है।
मूली के रस में,अनार का रस मिलाकर सेवन करने से हीमोग्लोबिन बढता है।
सुखी मूली का काड़ा और जीरा व नमक डालकर पिने से दमा और खांसी में लाभ होता है।
पुदीने की उपयोगिता

पुदीने के २ चम्मच रस में काला नमक डालकर पीने से वायु और गैस तथा पेट के कीडे नष्ट हो जाते हैं।
पुदीने व तुलसी के पत्तों का काड़ा बना कर सुबह शाम लेने से मलेरिया में लाभ होता है।
पुदीने की रस की २ से ३ बूंदें नाक में डालने से पुराना जुकाम ठीक हो जाता है।
पुदीने के रस में निम्बू मिलाकर लगाने से दाद ठीक हो जाती है।
पुदीने के रस में अदरक का रस मिलकर पीने से उलटी और दस्त ठीक हो जाता है।
पुदीने के रस में शहद डाल कर लेने से अपचन,आंत का दर्द ठीक हो जाता है।
नीम से फायदे

नीम की जड़ पानी में उबाल कर पिने से बुखार दूर हो जाता है।
नीम की छाल पानी में घिस कर फोडे-फुंसियों पे लगाने से ठीक हो जाते हैं।
छाल का काडा बनाकर रोज स्नान करें,फोडे-फुंसियाँ ठीक हो जाती हैं।
छाल का काडा दिन में २ बार पीने से पुराना बुखार भी ठीक हो जाता है।
छाया में सूखी छाल की राख बनाकर कपड़े से छान लें। इसमे २ गुना पिसा हुआ सेंधा नमक मिला लें,रोज इससे मंजन करें,पायरिया ठीक हो जायेगा।
नीम की पत्तियां पानी में उबाल कर घाव धोने से घाव ठीक हो जाता है।
नीम की पत्तियों का रस २ चम्मच और २ चम्मच शहद मिलाकर प्रात:काल पीने से पीलिया में लाभ होता है।
नियमित नीम की दातुन करने से दांत मजबूत होते हैं।
नीम की पत्तियों का सेवन खून को साफ़ करता है।
नीम की पत्तियों में थोड़ा सा अजवायन और गुड़ मिलाकर कुछ दिन तक पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं।
अंगूर और लाभ

अंगूर में शर्करा २५ प्रतिशत होती है।लोहा पर्याप्त मात्रा में होता है जो हिमोग्लोबिन बडाता है। खून की कमी वालों को इसका सेवन जरुर करना चाहिए।
अंगूर बल वर्धक है। आँखों के लिए फायदेमंद और ज्वर में लाभदायक है।
वात व पित्त की यदि वृद्धि हो तो इसका सेवन करने से दूर हो जाती है।
अंगूर क्षारीय आहार है,शरीर में विषैले पदार्थों को बाहर निकलता है।
Monday, November 10
अमरुद से ईलाज

अमरुद का नित्य सेवन करने से कब्ज ठीक हो जाती है।
अमरुद काटने के बाद कालीमिर्च व सेंधा नमक उप्पेर डाल लें।इसका सेवन करने से पेट का अफारा,अपचन ठीक हो जाते हैं।
अमरुद के ताजे पत्ते चबाने से मुह के छाले ढीक हो जाते हैं।
गाजर से रोग निवारण

गाजर का रस रोज पिने से दिमागी कमजोरी दूर होती है।
कच्ची गाजर खाने से आँखों को लाभ होता है।
गाजर का सूप दस्त में लाभदायक है।
गाजर का रस पिने से पेशाब के रोग ठीक हो जाते हैं।
ताजे गाजर का रस सिर पे लगाने से नकसीर में लाभ होता है।
लाल गाजर को भून लें या उबाल लें। उसे खुले आकाश में रात भर लाख दें। सुबह उसमे मिश्री मिलाकर लें,ह्रदय की कमजोरी में तथा ह्रदय की धडकन बडी हो तो लाभ होता है।
मेथी के लाभ

रोज सुबह व श्याम मेथी का रस निकाल कर पियें मधुमय ठीक हो जाती है।
मेथी की सब्जी में अदरक,गर्म मसाला डालकर खाने से निम्न रक्तचाप में फायदा होता है।
मेथी और सोंठ ३२५-३२५ ग्राम की मात्र लें,दोनों का चूर्ण कपड़े में छान लें,स्वा ५ लीटर दूध में ३२५ ग्राम घी डालें। अब दोनों को मिला लें।यह सब जब तक गाडा न हो जाए तब तक पकायें। उसके बाद ढाई किलो शक्कर मिलाकर धीमी आंच पे पकायें।
अच्छी तरह तैयार हो जाने पर उसे नीचे उतार लें,उसमे लेंदिपिपेर,सोंठ,पिपरामुल,चित्रक, अजवायन,जीरा,धनिया,कलोजी,सोंफ,जायफल,दालचीनी,तेजपत्र,नागरमोथ[४०-४० ग्राम सभी ] और कालीमिर्च ६० ग्राम चूर्ण मिलाकर दाल दें। थोड़ा-थोड़ा सुबह-श्याम खायें।
वातरोग,मिर्गी,अम्लपित,नासिकरोग,नेत्ररोग,शिरोरोग में लाभप्रद है।
Sunday, November 9
नींबू और उपचार

२। एक गिलास पानी में निम्बू निचोड़ लें, सेंधा नमक मिलाकर रोज सुबह श्याम १ से १.५ महिना सेवन करें। पथरी निकल जाती है।
३। एक चमच निम्बू के रस में दो चम्मच पानी और ३ चम्मच चीनी मिलाकर बालों में लगायें,१ से १ से १.५ घंटे बाद सिर को धो लें,रुसी[dendraf] ठीक हो जाता है।
४। एक गिलास गर्म पानी में आधा निम्बू निचोड़ कर सुबह श्याम गरारे करें,गला दर्द,गला बैठाना रोग दूर होते हैं।
५। पपीते में निम्बू व कलि मिर्च डालकर खाएं [१ हफ्ते तक] अपचन ठीक हो जाता है।
६। १ चम्मच निम्बू का रस,१ चम्मच पीसी हुई अजवायन,आधा कप गर्म पानी मिलाकर रोज पियें गैस हो तो ठीक हो जाती है।
७। निम्बू की १ फांक में पिसा हुआ जीरा,काली मिर्च व काला नमक ७ दिन,दिन में दो बार लेने से पेट के कीड़े दूर हो जाते हैं।
८। तेज गर्म पानी में निम्बू निचोड़ कर घूंट-घूंट पीने से हिचकी ठीक हो जाती है।
९। १ कप ठंडे पानी में चूथाई नींबू नीचोड़ कर,सवाद के अनुसार चीनी व नमक मिलाकर २-२ घंटे में लें,दस्त बंद हो जाते हैं।
१०। नित्य नींबू का रस पीने से मोटापा घटता है।
११। नींबू का रस,२ चम्मच शहद मिलाकर चाटने से खांसी,जुकाम ठीक हो जाता है।
१२। मूली,अदरक के टुकड़े और नींबू डालकर खाने से रक्त की कमी दूर होती है।
१३। नींबू के रस को दातों पे मलने से दंत चमकने लगते हैं।
१४। रोज सुबह नींबू की मीठी शिकंजी पीने से चक्कर नही आते।
तुलसी और लाभ

रासायनिक गुण- तुलसी में किनोल एवं एल्केलाइड पाए जाते हैं। जिसका औषधीय उपयोग है।
रोग एवं उपचार-
१। उदर रोग- तुलसी एवं अदरक का रस समान मात्रा में मिलाकर खाने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
२। तुलसी और काली मिर्च का काडा पीने से बुखार का नाश होता है।
३। तुलसी के पत्तों का रस कान में डालने से कान दर्द में आराम मिलता है।
४। तुलसी और शहद मिलाकर आँखों में डालने से आँखें स्वस्थ रहती हैं।
५। तुसली,भृंग राज के पत्तों का रस और आवला पीसकर मिला लें, इस दवा को बालों में लगाने से बाल झाड़ना बंद हो जाते हैं व काले रहते हैं।
६। तुलसी के बीजों का चूर्ण व अशोक के पत्ते का रस बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से रक्त प्रदर ठेक होता है।
७। तुलसी पत्र व काली मिर्च का शुद्ध घी के साथ सेवन करें वात रोग ठीक होता है।
८। ११ पत्ते तुलसी व ११ काली मिर्च मिलाकर खाने से सर दर्द ठीक होता है।
९। तुसली एवं नीम के पत्ते मिलाकर खायें खाज रोग ठीक होगा।
१०। तुलसी और निम्बू का रस बराबर मात्रा में लगाने से मुहांसे ठीक हो जाते हैं।
११। तुलसी और पीपल के पत्ते लगाने से बालतोड़ ठीक होता है।
१२। तुलसी और गिलोय पीसकर मिश्री के साथ खाने से रक्त विकार दूर होता है।
१३। तुलसी के ३ से ५ पत्ते खाने से मुह में दुर्गन्ध नहीं होती।
१४। तुलसी और गो घी मिलाकर पिलाने से जहर उतर जाता है।